तब याद हमारी आयी होगी...

दिल का दर्द बढ़ा होगा तब याद हमारी आयी होगी
कोई काम पड़ा होगा,तब,याद हमारी आयी होगी....

यूँ तो हमें भुलाया ऐसे,जैसे हो बीता सपना,
न दिल को चैन पड़ा होगा,तब याद हमारी आयी होगी..

जला दिया था सभी खतों को कल ही उसने चुनचुन कर
शायद राख़ उड़ी होगी,तब याद हमारी आयी होगी.....

यूँ तो उसने गिन गिन कर हर जख़्म हमें दे डाला था,
कोई जख़्म बचा होगा,तब याद हमारी आयी होगी..

क्या सिद्धार्थ भुलाकर तुझको कौन बचा है दुनिया में,
शायद,,मौत दिखी होगी,तब याद हमारी आयी होगी.....

                सिद्धार्थ अर्जुन
              9792016971

Comments

Popular posts from this blog

मांस क्यों नहीं खाना चाहिये...

फिर दीप जले....

हमको कौन पुकार रहा है......